घर में हीं प्रेंगनेंसी टेस्ट करने के लिए मिडस्ट्रीम प्रेगनेंसी टेस्ट एक सुविधाजनक व आसन तरीका है। अगर आपके मासिक धर्म में 8-10 दिन की देरी हो रही है और आपको लगता है कि कहीं आप प्रेंगनेट तो नहीं, तो ऐसी हालत में आप यूरीन टेस्ट के जरिए अपनी शंका को दूर सकती है और पता लगा सकती हैं कि आप प्रेंगनेट हैं या नहीं।
मिडस्ट्रीम प्रेगनेंसी टेस्ट के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है, इसे आप घर पर ही कर सकती हैं। इसमें यूरीन टेस्ट के जरिए यह पता किया जाता है कि आप प्रेंगनेंट हैं या नहीं। मिडस्ट्रीम प्रेगनेंसी टेस्ट किट आसानी से इस्तेमाल व कहीं भी ले जाई जा सकती है। आइए हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
यह कैसे काम करता है
मिडस्ट्रीम जांच यंत्र में मोनोक्लोनल एचसीजी रंग संयुग्म व पॉलीक्लोनल एंटी एचसीजी शामिल होते हैं जो आपमें प्रेंगनेंसी की पहचान करते हैं। किट में जांच करने वाली जगह दोनों ही अभिकर्मकों से कोटेड होती है। जब उसमें उस जगह पर यूरीन की कुछ बूंद डाली जाती है तो कुछ रासायनिक प्रतिक्रिया होती है जिसके कारण रंग परिवर्तित हो जाता है और परिणाम सामने आ जाता है। जांच के लिए यूरीन सैंपल में कम से कम 20 एमएल व एचसीजी हार्मोन की अधिकता होनी चाहिए।
प्रेगनेंसी मिडस्ट्रीम टेस्ट का परिणाम
प्रेगनेंसी टेस्ट यंत्र में परिणाम दिखने के लिए दो लाईनें (कंट्रोल लाईन व टेस्ट लाइन) होती हैं। कंट्रोल लाइन हमेशा परीक्षण के समुचित कार्य को दिखाता है। टेस्ट लाइन तब संकेत करता है कि जब प्रेंगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव होता है। प्रेगनेंसी की पहचान आप घर पर कर सकती है लेकिन इसके बाद गॉइनो कोलाजिस्ट को दिखाना बहुत जरूरी है क्योंकि वही आपकी प्रेंगनेंसी को सुनिश्चत करेगी। साथ ही जब प्रेगनेंसी टेस्ट निगेटिव हो तो जांच वाली जगह पर कोई लाईन नहीं दिखेगी।
यूरीन टेस्ट की सीमा
यूरीन टेस्ट से दिखाए जाने वाले परिणाम पूरी तरह से विश्वास योग्य नहीं होते हैं। प्रेंगनेंसी की पहचान के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
प्रेंगनेंसी के अलवा अन्य कई कारण हैं, जिससे एचसीजी हर्मोन का स्तर ऊंचा हो जाता है जैसे, स्तन कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, रोगाणु सेल ट्यूमर व प्रोस्टेट कैंसर। यूरीन में एचसीजी की ज्यादा मात्रा होने से प्रेंगनेंसी का टेस्ट पॉजिटीव हो सकता है।
परीक्षण की संवेदनशीलता से अगर एचसीजी का स्तर नीचे है, तो मिडस्ट्रीम टेस्ट का परिणाम गलत भी हो सकता है इसलिए प्रेंगनेंसी सुनिश्चित करने के लिए पहले टेस्ट के दो दिन बाद फिर टेस्ट करें। यूरीन टेस्ट सुबह-सुबह ही करना चाहिए।
मिडस्ट्रीम प्रेगनेंसी टेस्ट के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है, इसे आप घर पर ही कर सकती हैं। इसमें यूरीन टेस्ट के जरिए यह पता किया जाता है कि आप प्रेंगनेंट हैं या नहीं। मिडस्ट्रीम प्रेगनेंसी टेस्ट किट आसानी से इस्तेमाल व कहीं भी ले जाई जा सकती है। आइए हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
यह कैसे काम करता है
मिडस्ट्रीम जांच यंत्र में मोनोक्लोनल एचसीजी रंग संयुग्म व पॉलीक्लोनल एंटी एचसीजी शामिल होते हैं जो आपमें प्रेंगनेंसी की पहचान करते हैं। किट में जांच करने वाली जगह दोनों ही अभिकर्मकों से कोटेड होती है। जब उसमें उस जगह पर यूरीन की कुछ बूंद डाली जाती है तो कुछ रासायनिक प्रतिक्रिया होती है जिसके कारण रंग परिवर्तित हो जाता है और परिणाम सामने आ जाता है। जांच के लिए यूरीन सैंपल में कम से कम 20 एमएल व एचसीजी हार्मोन की अधिकता होनी चाहिए।
प्रेगनेंसी मिडस्ट्रीम टेस्ट का परिणाम
प्रेगनेंसी टेस्ट यंत्र में परिणाम दिखने के लिए दो लाईनें (कंट्रोल लाईन व टेस्ट लाइन) होती हैं। कंट्रोल लाइन हमेशा परीक्षण के समुचित कार्य को दिखाता है। टेस्ट लाइन तब संकेत करता है कि जब प्रेंगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव होता है। प्रेगनेंसी की पहचान आप घर पर कर सकती है लेकिन इसके बाद गॉइनो कोलाजिस्ट को दिखाना बहुत जरूरी है क्योंकि वही आपकी प्रेंगनेंसी को सुनिश्चत करेगी। साथ ही जब प्रेगनेंसी टेस्ट निगेटिव हो तो जांच वाली जगह पर कोई लाईन नहीं दिखेगी।
यूरीन टेस्ट की सीमा
यूरीन टेस्ट से दिखाए जाने वाले परिणाम पूरी तरह से विश्वास योग्य नहीं होते हैं। प्रेंगनेंसी की पहचान के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
प्रेंगनेंसी के अलवा अन्य कई कारण हैं, जिससे एचसीजी हर्मोन का स्तर ऊंचा हो जाता है जैसे, स्तन कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, रोगाणु सेल ट्यूमर व प्रोस्टेट कैंसर। यूरीन में एचसीजी की ज्यादा मात्रा होने से प्रेंगनेंसी का टेस्ट पॉजिटीव हो सकता है।
परीक्षण की संवेदनशीलता से अगर एचसीजी का स्तर नीचे है, तो मिडस्ट्रीम टेस्ट का परिणाम गलत भी हो सकता है इसलिए प्रेंगनेंसी सुनिश्चित करने के लिए पहले टेस्ट के दो दिन बाद फिर टेस्ट करें। यूरीन टेस्ट सुबह-सुबह ही करना चाहिए।

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